जब पूँजीपतियो का लाखों करोड़ रुपया माफ हो सकता है तो हमारे देश के किसानो का कर्जा माफ क्यों नहीं हो सकता, जब भी किसानों की बात आती है तो हमारी सरकारें कहने लगती हैं कि हमारे पास बजट नहीं है जब ये सरकारे इन पूंजीपतियों का हजारों करोड़ का कर्ज माफ करती हैं, […]

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