पूँजीवादी राजसत्ता सत्ता कैसे बनती है हमें इस तथ्य को समझना है, पूँजीवादी व्यवस्था में कुछ पिलर होते हैं, जिनको क्रमवार लिख रहे है । पूंजीपति जिसके पास पूंजी है । शासक, जो पूँजीवादी राजसत्ता चलाते हैं । धर्म, जो पूँजीवादी व्यवस्था में जनता को दिमागी रूप से कन्ट्रोल करते हैं । सेना, जिससे […]

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  *असल में भाजपा आर एस एस की भारत माता, जो अपने हाथ में देश का तिरंगा लिए है, वो इनकी भारत माता नहीं है, इनकी भारत माता भगवा झंडा लिए है वो इनकी भारत माता हैं, इस सच को देखना आर एस एस के किसी भी झंडे में तिरंगा पकड़े भारत माता नही होगी, […]

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  जब भी घोटाले होते हैं तो हमको लगता कि हमारा तो कुछ नहीं गया, वो तो बैक के पैसे ले गया । हमें ऐसा लगता है कि राजनीति से इसका कोई सम्बन्ध नहीं है, ये तो कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने लालच में आकर किया है, यही जिम्मेदार है । मगर ऐसा बिल्कुल नहीं […]

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  आज पूरी नौजवान पीढ़ी सहित सारी जनता, मानसिक रूप से वर्तमान गुलामी को स्वीकारती दिख रही है, पूँजीवादी पार्टियों ने असल सवालो को हमारे दिमाग से हटा दिया है, राजनीति और धर्म का ऐसा घालमेल किया है कि हमारी चेतना से ही असल सवाल उड़ गए । आज, नौजवान इतना परेशान है, लूट दुर्दशा […]

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  यह बात कभी आपने सोची, नहीं सोची होगी । हर कार्य में विचारधारा प्रदर्शित होती है, इंकलाब का नारा व्यवस्था परिवर्तन के लिए लगाया जाता है, वामपंथी विचारधारा के दल हमारे देश में इस पूँजीवादी शोषण, दमन, अत्याचारी व्यवस्था को बदलना, चाहते हैं, उसकी जगह पर, समाजवादी सामाजिक व्यवस्था लाना चाहते हैं, इसलिए वो […]

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  आप सभी को नववर्ष 2018 की हार्दिक शुभकामनाएँ, ये वर्ष आपके लिए अच्छा हो, ऐसी अपेक्षा करते हैं, आज हमारे देश के हालात बहुत ही खराब स्तिथि में चल रहे है, नरेंद्र मोदी जी की पूँजीवादी सरकार, खुलकर एक तरफा चल दी है, देश की सम्प्रभुता खतरे में है, पूरे देश की अर्थव्यवस्था देशी […]

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  आज राजनीति में जहॉ पूँजीवादी पार्टियॉ, रुपयो की दम पर चुनाव जीतते है, करोड़ो रुपये लगाते हैं, चुनाव जीतने के बाद, कई सौ करोड़ कमाते है, इनके लिए चुनाव एक धंधा बन गया है, बिजनेस बन गया है । ऐसे समय में आज हमारे देश में ऐसी राजनैतिक विचारधारा है, जिसमें आज भी ईमानदारी […]

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