श्रम कानूनो में पहले केवल दो श्रेणी भी, एक परमानेन्ट और दूसरा केजुअल, इसके अलावा स्टाफ और मैनेजर अलग कैटागिरी थी । परमानेन्ट श्रमिक, आज भी है, जिसको नौकरी से बिना कारण के निकाल नहीं सकते, हर वर्ष वेतन वृद्धि करना है । केजुअल केवल सीजनल कंपनियों के लिए थे, जहॉ काम कम ज्यादा […]

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  आज आम गरीब आदमी की काम न मिलने से दयनीय स्तिथि बन गई है, एक तरफ काम नहीं मिलने से जीने के लिए भी धन नहीं जुटा पा रहे है, काम पैदा करने में हमारी ये सरकार पूरी तरीके से विफल रही है । इसका दूसरा एक बिकराल रूप और सामने आया है कि […]

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