Workers | कर्मचारी

  आज आम गरीब आदमी की काम न मिलने से दयनीय स्तिथि बन गई है, एक तरफ काम नहीं मिलने से जीने के लिए भी धन नहीं जुटा पा रहे है, काम पैदा करने में हमारी ये सरकार पूरी तरीके से विफल रही है । इसका दूसरा एक बिकराल रूप और सामने आया है कि […]

Read More

तीन दिन के संसद महापड़ाव ने एक बड़े संघर्ष को शंखनाद कर दिया, अगली अनिश्चित कालीन हड़ताल करने का, अल्टीमेटम दिया गया, मोदी सरकार को गलत दिशा में जाने से रोकने के लिए, यही एक रास्ता है । लाखों लोगों ने दिल्ली में शामिल होकर ये साबित किया कि ये बड़े संघर्ष का आगाज हो […]

Read More

इस दस्तावेज को पड़ने के बाद बिल्कुल साफ है कि भारतीय जनता पार्टी, खुले रूप से, एक तरफा पूँजीपतियो के पक्ष में दौड़ पड़ी है, उनकी विराट संपत्ति बढ़ाने में कोई भी हथकंडे करने के लिए पीछे नहीं है, उनकी समझ बिल्कुल साफ है कि पूँजीपतियो की अपार संपत्ति तभी बढ़ सकती है जब मजदूरों, […]

Read More

01. न्यूनतम वेतन प्रति माह 18,000 रुपये करो। 02. सुप्रीम कोर्ट के निर्णयानुसार समान काम के लिये समान वेतन दो। 03. महंगाई रोकने के लिये सार्वजनिक वितरण प्रणाली का सार्वभौमिकीकरण कर सभी का एक जैसा राशन कार्ड बनाकर 2 रुपये किलो की दर से 35 किलो अनाज व सभी जरूरी चीजें सस्ती दरों पर उपलब्ध […]

Read More

विगत 25 वर्षों से लागू की जा रही उदारीकरण-निजीकरण की नीतियों ने अमीरों को और अमीर तथा मेहनतकशों को तबाह किया है। इस बीच सरकारें बदली-प्रधानमंत्री बदले लेकिन नीतियों की दिशा नहीं बदली। इन घातक नीतियों के खिलाफ मेहनतकश भी संयुक्त रूप से लगातार संघर्ष की राह पर डटे हुए हैं। इन 25 वर्षों में […]

Read More

जब से केन्द्र में मोदी जी की सरकार बनी, सारे श्रम कानूनो को खत्म करने की बाढ़ आ गई, इसके साथ ही भाजपा साशित राज्यों में भी, एक तरफा बदलाव किए गए, जिसमें राजस्थान, म. प्र. प्रमुख है, इन्हौने क्या कानून बदले इन पर भी चर्चा करेगे । सबसे पहले श्रम विभाग को कमज़ोर किया, […]

Read More

आज, जीने के लिए, परिवार को कम से कम, अठारह हजार रुपये, महीना, चाहिए । इससे कम में जीना मुश्किल है, देश की सरकारो के सॉसद विधायको ने अपने वेतन, भत्तो में मनमानी बृद्धी कर ली, पता नहीं कितने गुना वेतन बढ़ा लिया, मगर आम जनता, मजदूरो के लिए न्यूनतम वेतन बढ़ाने के लिए तैयार […]

Read More

हमारी देश की सरकार ठेकेदारी प्रथा की तरफ अॉख बंद करके दौड़ पड़ी है । परमानेन्ट नौकरी को खत्म कर रही है, यही नीतियाँ कांग्रेस की थी, दोनों पूँजीवादी पार्टियॉ भाजपा और कांग्रेस इस मसले पर एक है, आज नौजवान बेहाल हो गया है, पॉलीटिकनिक, डिग्री करके बच्चे, आठ दस हजार में, ठेकेदारी में काम […]

Read More