Political | राजनैतिक

जातिवादी व्यवस्था (भाग -02) यह बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है यह छह भागो में लिखा जायेगा 01. पुराना इतिहास 02. आर्थिक पक्ष 03. राजनैतिक पक्ष 04. मेहनतकश वर्ग की वर्गीय एकता खत्म करती है। 05. उच्च जाति के लोगों को समझना होगा । 06. समाधान इन छह हिस्सो में इस विषय को कम से कम […]

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जातिवादी व्यवस्था (भाग -01) यह बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है यह छह भागो में लिखा जायेगा 01. पुराना इतिहास 02. आर्थिक पक्ष 03. राजनैतिक पक्ष 04. मेहनतकश लोगों की वर्गीय एकता खत्म करती है। 05. उच्च जाति के लोगों को समझना होगा । 06. समाधान इन छह हिस्सो में इस विषय को कम से कम […]

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  *असल में भाजपा आर एस एस की भारत माता, जो अपने हाथ में देश का तिरंगा लिए है, वो इनकी भारत माता नहीं है, इनकी भारत माता भगवा झंडा लिए है वो इनकी भारत माता हैं, इस सच को देखना आर एस एस के किसी भी झंडे में तिरंगा पकड़े भारत माता नही होगी, […]

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  पूंजीवाद की ये उच्चतम स्तिथि का एक रूप है, जिसके बाद ये फासीवाद आता है, जो हमारे देश में आ गया है, जिससे वह अपने आप को बचाने की कोशिश करता है । यह एक ऐसी स्तिथि है जिसमें पूँजीपतियो के पास पूंजी बड़ी मात्रा में एकत्रित हो गई, उस पूंजी से और ज्यादा […]

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  यह बहुत सरल सवाल है, मगर इसका जवाब सरल नहीं है, इसको बहुत ही अच्छी तरह से समझने की ज़रुरत होगी, भाजपा आर एस एस पूंजीवाद की व्यवस्था का एक अंग है, उसकी शाखा है जो उनके लिए काम करते है, खुलेआम पूँजीवादी पार्टी है, इसलिए इनको पूंजीपति धन मुहैया कराते हैं और हर […]

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  पूरे दुनियां में मेहनतकश वर्ग की गुलामी की बेड़ियां तोड़ने का काम मार्क्स लेनिन ने किया, 1917 की अक्टूबर क्रांति के बाद, पूरी दुनिया में, सोशल वेलफेयर, राज्यों की स्थापना का काम शुरू हो गया था । हमारे देश में 1926 में पहला ट्रेड यूनियन एक्ट बना था, जब अंग्रेज़ थे उन्हौने ही ये […]

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  भगत सिंह सहित सभी क्रांतिकारीयो को अपने वतन के लिए जान देने का हौसला, लेनिन के विचारों ने दिया, लेनिन ने दुनिया भर में मजदूर और किसानों सहित पूरे मेहनतकश लोगों के लिए, एक पूरा दर्शन मार्क्स लेनिन ने दिया, उसके बाद ही देश में वेलफेयर राज्य के लिए दुनिया के पूंजीपति तैयार हुए, […]

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  भाजपा आर एस एस को असल डर वामपंथी विचारधारा से ही है , जिसको खत्म करने के लिए, बहुत जल्दी हो रही है, इसलिए त्रिपुरा में खुलकर सीधे हिंसा पर उतारु हो गई है । वामपंथी विचारधारा ही भाजपा आर एस एस के झूठे राष्ट्रवाद की पोल खोलते है, आम जनता की लूट को […]

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