Political | राजनैतिक

  हमारा इतिहास, वर्ग संघर्ष का इतिहास है, ये कॉल मार्क्स ने अपने रिसर्च में कहा, उन्हौने इतिहास में समाज के विकास की प्रक्रिया को समझते हुए, इसका भौतिक विश्लेषण किया, पूरे इतिहास में हर जगह दो वर्ग है, प्राचीन समाज में स्वामी और दास, इसके बाद भू स्वामी और खेत मजदूर, इसके बाद जमींदार […]

Read More

  समाजवादी व्यवस्था की थ्योरी कॉल मार्क्स ने लिखी, उन्हौने दुनियां के मेहनत करने वालो एक हो का नारा दिया, उन्हौने मजदूर वर्ग की राजसत्ता कैसे कायम होगी, उसकी पूरी रूपरेखा तैयार की, उन्हौने कहा “अभी तक के दार्शनिको ने दुनियां का विश्लेषण किया है जबकि ज़रुरत दुनियां को बदलने की है”, ये शब्द उनके […]

Read More

  साथियों, इसमे हमें पूरी व्यवस्था के विकास को समझना है, जो दुनियां का सामाजिक विकास हुआ, समाजवादी व्यवस्था के लिए पूर्व में भी कई लोगों ने आवाज उठाई, उनकी आवाज़ को दबा दिया गया और आवाज़ उठाने वालों को खत्म कर दिया गया । हम बहुत पुराने इतिहास पर बात नहीं करेंगे । हम […]

Read More

*मोदी सरकार ने चार साल पूरे कर लिये है, जिसमे उन्हौने जिनके लिए काम किया वो जश्न मना रहे है जिनको लूटा, बर्बाद किया, वो मातम मना रहे है, यही राजनीति का वर्गीय चरित्र है, ये दो वर्गीय दुनियां है, हमारे देश में नरेन्द्र मोदी जी की सरकार शुद्ध पूँजीवादी राजनैतिक व्यवस्था की पार्टी है, […]

Read More

  पूँजीवादी राजनैतिक व्यवस्था के बहुत घातक परिणाम आते हैं, जो इस पूँजीवादी व्यवस्था में निश्चित होते हैं, इसलिए पूँजीवादी व्यवस्था, इनसे भटकाने के लिए धर्म का इस्तेमाल करते है, आम जनता को दिमागी रूप से ये एहसास कराते है कि इस सब के लिए में खुद जिम्मेदार हूँ, क्योंकि मेरा नसीब किस्मत खराब है […]

Read More

  पूँजीवादी राजनैतिक व्यवस्था के बहुत घातक परिणाम आते हैं, जो इस पूँजीवादी व्यवस्था में निश्चित होते हैं, इसलिए पूँजीवादी व्यवस्था, इनसे भटकाने के लिए धर्म का इस्तेमाल करते है, आम जनता को दिमागी रूप से ये एहसास कराते है कि इस सब के लिए में खुद जिम्मेदार हूँ, क्योंकि मेरा नसीब किस्मत खराब है […]

Read More

  पूँजीवादी राजनैतिक व्यवस्था के बहुत घातक परिणाम आते हैं, जो इस पूँजीवादी व्यवस्था में निश्चित होते हैं, इसलिए पूँजीवादी व्यवस्था, इनसे भटकाने के लिए धर्म का इस्तेमाल करते है, आम जनता को दिमागी रूप से ये एहसास कराते है कि इस सब के लिए में खुद जिम्मेदार हूँ, क्योंकि मेरा नसीब किस्मत खराब है […]

Read More

  पूँजीवादी राजनैतिक व्यवस्था के बहुत घातक परिणाम आते हैं, जो इस पूँजीवादी व्यवस्था में निश्चित होते हैं, इसलिए पूँजीवादी व्यवस्था, इनसे भटकाने के लिए धर्म का इस्तेमाल करते है, आम जनता को दिमागी रूप से ये एहसास कराते है कि इस सब के लिए में खुद जिम्मेदार हूँ, क्योंकि मेरा नसीब किस्मत खराब है […]

Read More