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एक ओर महंगाई कम होने के सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है वहीं दूसरी ओर आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमत रोकने हेतु कोई कदम नहीं उठा रही है। दाल, चीनी, अनाज, सब्जी आदि तमाम आम उपभोग की वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सार्वभौमिक बनाने के बजाय कैश ट्रान्सफर के […]

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ये कानून लोकसभा में पेश हो चुका है और अगले सत्र में पारित होने की पूरी सम्भावना है, अापका अगला भविष्य क्या है, उसको जाने । धारा 11 में, दो अलग अलग काम करने के बेज के बारे में लिखा है, धारा 12 में , पीस वर्क के काम में, ये लिखा है कि पीस […]

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नरेंद्र मोदी जी की सरकार सारे श्रम कानूनो समाप्त करके चार कोड बना रही है, जिसमें पहला बेज कोड 2017 लोकसभा में पेश हो गया है, जैसे ही ये बेज कोड लोकसभा में पास होगा, ये चार कानून स्वतः समाप्त हो जाएेगें । जिसमें द पेमेन्ट बेज एक्ट 1936, न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, बोनस एक्ट […]

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महिलाओं पर सदियों से तरह तरह से अत्याचार हुए, किसी भी सदी में, कोई भी आपदा आई, कोई भी सामाजिक उत्पीड़न हुआ, उसकी शुरुआत महिलाओं से शुरू हुई, महिलाए भी इस वर्गीय चक्र में सबसे ज्यादा घिसी गई, आज इसी समझ पर एक नजर डालते है । जैसा कि हमने देखा कि पूरा समाज दो […]

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ऐसे समझे की बाजार में किसी भी वस्तु की मंहगाई कब बढ़ती है, जब उस वस्तु की बाजार में ज्यादा संख्या हो, और उसको खरीदने वाले कम हो, तो वह वस्तु सस्ती हो जाएगी, बेचने वाले को डर लगा रहेगा कि कही मेरी लागत न डूब जाए । दूसरा ऐसे समझे जैसे टमाटर बाजार में, […]

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मैं एक युवा हूँ ! आधजगी रात,अधूरे सपनों को लिए, अपेक्षाओं और आकांक्षाओं के बस्ते को टांगे चलती बस में सर्कस के बंदर की तरह लपक का चढ़ता हूं| इस बस की तुलना अगर हमारे देश से की जाए तो गलत नहीं होगा| जिस की सवारी जरूरत से ज्यादा बढ़ती जा रही है| यहां तो […]

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नरेंद्र मोदी जी ने लोकसभा चुनाव के पहले, देश के नौजवान को वादा किया था कि हर वर्ष दो करोड़ रोजगार पैदा करेगे, जिससे देश के नौजवानो ने उन पर उम्मीद लगाकर बढ़ चढ़ कर समर्थन किया, बाद में अमित शाह जी ने चुनावी जुमला कह दिया । पिछले तीन सालो में नरेन्द्र मोदी जी […]

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हमने पहले देखा कि समाज दो वर्गो में बटा है, जिसमें एक धन वाले यानि पूँजीपति, मतलब , पूँजीवादी व्यवस्था । दूसरा गरीब, मजदूर, किसान, कर्मचारी, आम जनता, मतलब, जन यानि जनता, जनता मतलब समाज, समाज मतलब समाजवादी व्यवस्था, समाजवादी व्यवस्था, मतलब वामपंथी विचारधारा, वामपंथी विचारधारा मतलब, वामपंथी राजसत्ता । यही दो वर्गीय दुनिया है, […]

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