1 मई मजदूर दिवस को संकल्प लो, अपने हक के लिए लड़ेगे । अपने खून को गर्म करो, गुलामी से बाहर निकलो

1 मई मजदूर दिवस को संकल्प लो, अपने हक के लिए लड़ेगे । अपने खून को गर्म करो, गुलामी से बाहर निकलो

आज मेहनतकश वर्ग के अधिकारो को खत्म करने की खुलेआम मुहिम चल रही है, सरकारे खुले रूप से मजदूर, कर्मचारियों को गुलाम बनाने के कानून बना रहे हैं, मेहनत करने वालो का भविष्य अधेरे में है, बड़ी मुश्किल से परिवार चल पा रहा है, परमानेन्ट नौकरी का विकल्प, फिक्स टर्म आ गया है, अब किसी नौजवान को परमानेन्ट नौकरी नहीं मिलेगी, शिक्षा स्वास्थ्य आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गया है, नौकरी मिल नहीं रही हैं, नौकरी मिल भी रही है तो ठेकेदारी में, या फिक्स टर्म में, यह सब नरेंद्र मोदी जी कर रहे है, इसके बाद भी, नौजवान नमो नमो कर रहे है ।

ये कैसा हमारे दिमाग को शून्य कर दिया गया है कि हम अपने जीवन के असल सवाल भूल गए हैं, अपने बच्चों के लिए रोटी, दूध, शिक्षा इलाज सब कुछ भूल गए हो । हमारा खून पानी हो गया है, खून में गुलामी बस गई है, रोजाना तिल तिल कर मरना चाहते हैं ।

दुनिया के मेहनतकशो एक हो, की जगह पर हम एक मोहल्ले, एक कारखाने में एक नहीं हो पा रहे है, एक होना तो छोड़िये, हम अपने जीवन के बारे में बात भी नहीं कर रहे है, क्या हो गया है सोचो, इस राजसत्ता ने हमारे दिमाग के अंदर धर्म और जाति के नाम पर इतनी ज्यादा नफरत घृणा पैदा कर दी है कि दिन रात हम उसी में घुस गए हैं और अपने और अपने परिवार के जीवन को भूल गए है ।

सोशल मीडिया पर कितनी सारी नफरत घृणा की पोस्ट शेयर करते हैं और सभी साथियों को भेजते है, जिसमे गाय, राम मंदिर, मुसलमान, पाकिस्तान, धर्मनिरपेक्ष हिजड़े, वाममियो, क्या क्या शेयर करते हैं अभी फिर गायो को काटने वाले विडियो फिर से फैलाए जा रहे हैं । हिन्दुओ की भावनाओं को खुरेचा जा रहा है ताकि वो जीवन के असल सवाल भूल जाए और फिर इनको धर्म के नाम पर वोट देकर राजसत्ता दे दे, फिर हमारी चमडी उतारेगे, हम नमो नमो करेगे, क्या कहे मर गया हमारा दिमाग, हम अपना भविष्य सहित सब नौजवान सब कुछ भूल गए ।

नौजवानो, यह एक साजिश है, मेहनतकश वर्ग को गुलाम बनाने की साजिश है यह सुनियोजित षडयंत्र है, जिसमें पूंजीपति वर्ग सफल हो गया है, आज हम मेहनतकश वर्ग दिमागी रूप से गुलाम हो गए हैं, आपस में नफरत घृणा हो गई है, हम हिंदू मुसलमान, दलित और ब्रह्ममण में बट गए हैं, अगड़ी पिछड़ी जातियो में बट गए हैं, मर गई हमारी एकता, मर गया हमारा संघर्ष, हमारे दिमाग में ऐसा जहर घुसाया कि मेहनतकश वर्ग एक नहीं हो सकते ।

नौजवानो, मेरे मेहनतकश भाइयों, जागो उठो, जाग जाओ, नहीं तो इसी गुलामी में जिल्लत भरी ज़िन्दगी जीना पड़ेगी, रोजाना, नौकरी से भगाए जा रहे हो , वापिसी हो रही है, वेतन बहुत कम मिल रहा है, गुलामो की तरह, आठ घंटे की जगह 10, 12 घंट काम करना पड़ रहा है, आज हम खुद अपनी जिंदगी में कुछ नहीं कर सकते , बच्चों को अच्छे स्कूल में पड़ा नहीं सकते, इलाज कराने के लिए पैसे नहीं होते, बड़ी बीमारी में, देखते देखते परिवार के लोग पैसे के अभाव में मर जाते है , आज भी मर रहे है, छोटा सा मकान खरीदने के लिए पैसा नहीं है , पत्नी और बच्चों को अच्छे कपड़े भी नहीं पहना सकते, किस दिन चुल्हा जलेगा यह भी पक्का नहीं है, किस दिन काम मिलेगा, किस दिन भगा दिया जाएगा, यह कुछ भी तय नहीं है। ये स्तिथि आ गई है और यह सुनिश्चित है कि आने वाले समय में तेजी से दमन शोषण अत्याचार बढ़ना है । क्योंकि नरेंद्र मोदी जी की सरकार इसी दिशा में तेजी से काम कर रही है।

सोचो, ऐसे ही मरना है कीड़े मकोड़े की तरह या जिंदगी को, सही तरीके से जीना चाहते हो, निर्णय करो, मई दिवस, मजदूर दिवस पर संकल्प करें कि हम दिमागी गुलामी से बाहर निकलेगे । अपनी एकता बनायेगे, दंगे फ़साद की राजनीति से बाहर निकलेगे, अपने हक के लिए अपने बच्चों के लिए संघर्ष करेगे, अपने हक के लिए आवाज़ उठायेगे, सड़को पर निकलेगे, इन गुलामी के कानूनो को बदलने के लिए, पूरे देश को हिला देगे, पूरी सरकार को हिला देगे, सरकार नही मानेगी, तो 2019 में इसे उठाकर सरकार से बाहर फेक देगे, इतना दम मेहनतकश वर्ग के पास है ।

आपको आपके परिवार और उन बूढ़े माता पिता जिनको जिंदा रखने की जिम्मेदारी आपकी है, की कसम देकर कह रहा हूँ* कि इस मैसेज को देश के हर नौजवान के पास पहुंचा दो, दुनियां के मेहनत करने वाले एक हो के नारे को साकार करो, पूरे देश में धरना रैली प्रदर्शन करो ।इस गुलामी की बेड़ियां तोड़ने के लिए संकल्प लो ।

इंकलाब जिन्दाबाद, सभी मेहनतकशो की एकता जिन्दाबाद, 1 मई मजदूर दिवस अमर रहे, अमर शहीदो के अरमानो को मंजिल तक पहुंचायेगे। दुनिया के मेहनतकश वर्ग एक हो, सभी मजदूर, कर्मचारियों एक हो ।

1 comment

    • Rama kant Rai on May 1, 2018 at 6:54 am

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    More analytical write ups should be posted regarding situation of unorganised sector in india

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