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ये RSS की नफरत घृणा द्वेष हिंसा की राजनीति, देश को कहॉ ले जायेगी

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ये RSS की नफ़रत घृणा द्वेष हिंसा की राजनीति हमारे देश को कहॉ ले जायेगी

आज नौजवान रिवाल्वर से फायरिंग कर रहे है किनके ऊपर, अपने ही देश के नागरिकों पर, जो लोग शांतिपूर्वक आन्दोलन कर रहे हैं, ये घृणा द्वेष हिंसा किसने इनके दिमाग में भरी, कौन कौन इनके पीछे है और उनका क्या फायदा है, ये लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं, ऐसा करने से देश को क्या नुकसान होगा, ये नफरत घृणा द्वेष हिंसा हमारे देश को कहॉ ले जायेगी ।

RSS की BJP की सरकार का छटवां साल चल रहा है, RSS की विचारधारा को जनता को समझ न आई, जनता मिडियॉ के अंधे प्रचार और धन के आगे कोई बात समझ न सकी और अपार बहुमत से देश को उनके हाथों में सौप दिया । अब RSS अपनी विचारधारा पर काम करना शुरू किया, अब वो अपने एजेंडे लेकर आया है, उसने अपनी सोच को दिखाना शुरु किया, कि पूरा देश उबाल मारने लगा, ये तो केवल टेलर है, पूरी फिल्म बाकी है ।

आर एस एस आखिर चाहता क्या है?

RSS हमारे देश के अंदर, हिदुत्व की राजनीति करना चाहता है, इस राजनीति के लिए थ्योरी गढ़ी गई, जिसमें कहा गया कि हम सनातन हिंदू धर्म के आधार पर हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं, यही हिंदू महासभा कह रहा है, हिंदू सनातन की बात करते है जिसमें मनुस्मृति भी आ जाती है, जिसमें हिंदू धर्म के वेद पुराण, उप निषद, रामायण महाभारत, सबकुछ आ जाता है मगर आज का RSS के हिदुत्व का हिंदू धर्म से कोई सम्बन्ध नहीं है, ये गुरु गोलवलकर जी कह गए, फिर ये हिदुत्व क्या है इसको समझना है ।
जब भी हम श्री राम और हिंदू धर्म के ग्रंथो को देखते हैं तो पाते हैं कि श्री राम एक आदर्श न्याय और सच और सच्चाई, सत्य के लिए, गरीब और असहाय को सहायता के लिए, एक अच्छे समाज के लिए, एक आदर्श के रूप में है मगर आज श्रीराम को हिंसक प्रवृत्ति और गरीबों पर हमला करते वक्त जय श्री राम के नारे लगाना, लिंचिंग, हत्या, उपद्रव इनको करते समय जय श्री राम के नारे लगाना, ये श्री राम की विचारधारा से बिल्कुल मेल नहीं है, उससे बिल्कुल उल्टा है, इसलिए ये आज का हिदुत्व, श्री राम के आदर्शो से बिल्कुल मेल नहीं खाता और ये श्री राम का रामराज्य नहीं है, पहले तो इसको समझना है ।

इनके राष्ट्रवाद को समझ लेते हैं, इनकी राष्ट्रवाद की थ्योरी हिटलर और मुसोलोनी की है, इसका हिंदू धर्म कोई लेना देना नहीं है मगर इस थ्योरी में बहुसंख्यक वर्ग को एकजुट करने का नारा दिया जाता है, इसलिए हिंदू बहुसंख्यक है, इसलिए इन्हौने हिंदू धर्म समाज को चुना और इस थ्योरी में कुछ अल्पसंख्यको को देश का दुश्मन बनाया जाता है, वो है मुसलमान ईसाई और कम्युनिस्ट इनको देश विरोधी, देश के लिए खतरनाक, देश के गद्दार, कुछ भी आरोप लगाये जा सकते हैं, इसी से देश के अंदर आम जनता को बॉटकर, लड़वाया जाता है, बहुसंख्यक के अंदर असुरक्षा की भावना पैदा की जाती है, अल्पसंख्यक को दुश्मन बनाया जाता है, ये है इनके राष्ट्रवाद की थ्योरी, यही थ्योरी हिटलर की थी ।
अब हमारे देश पर इस थ्योरी को कैसे लगा रहे है, इन्हौंने धर्म के भारत माता के नये रूप को प्रस्तुत किया, दो भारत माता बन गई, एक भंगवा झंडा लिए और एक तिरंगा झंडा लिए, ये देश में भगवा झंडे वाली भारत माता की जय करना चाहते हैं, ये तिरंगे झंडे वाली भारत माता की जय नहीं करते और इस तिरंगे झंडे की विचारधारा की जगह भगवा झंडे वाली विचारधारा लाना चाहते हैं । भगवा झंडे की विचारधारा का मतलब एक राष्ट्र एक भाषा एक विचार एक धर्म एक संस्कृति वाली विचारधारा भगवा झंडे की विचारधारा है ।
तिरंगे झंडे की भारत माता की विचारधारा में धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र सभी धर्म हिंदू मुसलमान सिक्ख ईसाई आपस में है भाई भाई वाली विचारधारा है, सभी भाषायें, संस्कृति, वेशभूषा, अनेकता में एकता वाली छवि है । यही टकराव अब शुरू हो गया है, RSS अपने हिदुत्व की राजनीति पर चल दिया है, देश की जनता तिरंगे वाली सोच की तरफ़ लाने के लिए संघर्ष कर रही है, ये टकराव आगे काफी दिनों तक चलने वाला है, इसके कई विकृत रूप हमारे सामने आयेंगे ।

RSS का आर्थिक पक्ष को समझना है, RSS अति दक्षिण पंथी संगठन है, ये पूंजीपतियों का पाला गया संगठन है, जो इन पूंजीपतियों के लिए काम कर रहा है, आप देखेगे कि ये लोग आम जनता को आर्थिक रूप से मज़बूत करने के लिए कोई सवाल नहीं उठाते है, इनका असल लक्ष्य आम जनता को दिमागी रूप से धर्म के नाम पर गुलाम रखना और धर्म के नाम पर नफरत घृणा पैदा करके आम जनता को आपस में लड़वाना, असल मुद्दों से आम जनता का ध्यान भटकाना, इसी समय में देश के संसाधनों, देश की सम्पत्ति, देश प्राकृतिक संसाधनों, सहित देश को पूँजीपति वर्ग को लूटने का रास्ता बनाना और इनका अंतिम लक्ष्य है कि हमारे देश पर देश की हर आर्थिक क्षेत्र पर देशी विदेशी पूंजीपतियों का कब्जा कराना, ताकि देश पूंजीपतियों का गुलाम हो जाए, देश पर पूंजीपति कब्जा कर ले इसके लिए निजीकरण उदारीकरण, भूमंडलीयकरण की नीतियां लागू कर रहे हैं ।
इन लक्ष्यों को पाने के लिए ये सारे षड़यंत्र RSS कर रहा है, इसी के लिए नौजवान बच्चों में धर्म के नाम पर नफरत घृणा द्वेष हिंसा भारी जा रही है और मुसलमानों ईसाईयो और कम्युनिस्टों के प्रति नफ़रत घृणा द्वेष हिंसा भरी जा रही है ।
आप खुद ही समझ गए होंगे कि आने वाले समय में हमारे देश में क्या क्या षड़यंत्र होने वाले हैं, आज RSS के हाथ में देश की राजसत्ता पर पूरी तरह से कब्जा है, कुछ भी कानून बनवा सकते हैं, सारी संवैधानिक संस्थानों का दुरुपयोग कर रहे है, एक भय और अातंक का माहौल बनाकर, अपने एजेंडे को लागू कर रहे है ।
अब यह समझना है कि इन पूरी साजिशों में हिंदू धर्म, सनातन हिंदू आदर्श, भगवान राम के आदर्श कही पर है, किसी धार्मिक ग्रंथ के आदर्श, इनके कार्यो में कही पर प्रदर्शित है, कही नहीं है, ये लोग हिंदू धर्म का केवल दुरुपयोग करके राजसत्ता पर कब्जा करके रखा जा सके, इसके लिए इस्तेमाल कर रहे है ।

RSS की राष्ट्रवाद की राजनीति हिटलर की थ्योरी से है, जिसने पूरी जर्मनी को तबाह कर दिया था और पूरी दुनिया का बड़ा तानाशाह पैदा कर दिया था, हम भारत में ऐसे तानाशाह पैदा न होने दे, जिसके लिए आम जनता को जागरूक करना बहुत ही आवश्यक है, नौजवानो को खासकर जिनके दिमाग में हिंदू मुसलमान की नफरत घृणा भरी गई है, हम सब तिरंगे वाली भारत माता की रक्षा करना है, देश को बर्बादी से, बेचने से, लुटने से बचाना है । यही संकल्प लेने का समय है ।

धर्म आधारित राष्ट्र का जो भूत लोगों के दिमाग में RSS ने चढ़ाया वो अच्छी तरह समझ ले, पूरी दुनिया में जितनी भी महाशक्ति है वो धर्मनिरपेक्ष है, हमारा देश धर्मनिरपेक्ष गणराज्य है, हमारा हमेशा धर्मनिरपेक्ष गणराज्य ही रहेगा, यह समय की जरुरत है । आपस में आम जनता को आपस में लड़वाकर कोई भी देश तरक्की नहीं कर सकता, न विकास कर सकता है, देश की जनता की एकता बनाकर देश की तरक्की के लिए जुटे । यही RSS के लिए करारा जवाब होगा ।

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