किसानों की पूरी कर्ज मॉफी क्यो नहीं ?

 

जब पूँजीपतियो का लाखों करोड़ रुपया माफ हो सकता है तो हमारे देश के किसानो का कर्जा माफ क्यों नहीं हो सकता, जब भी किसानों की बात आती है तो हमारी सरकारें कहने लगती हैं कि हमारे पास बजट नहीं है जब ये सरकारे इन पूंजीपतियों का हजारों करोड़ का कर्ज माफ करती हैं, लाखों करोड़ की टैक्स में माफी करते हैं तब बजट कम नहीं पड़ता हमारे देश की यह विडंबना है कि हमारी अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है मगर हमारी खेती के विकास के लिए हमारी सरकारों के पास बजट नहीं होते, दुनिया के बड़े बड़े देश किसानों को भारी सब्सिडी देते हैं और हमारे देश पर दबाव बनाते हैं कि किसानों की सब्सिडी खत्म करो, यह हमारी सरकार को सोचना है कि उनको हमारे देश को किस तरफ ले जाना है, अगर किसान खुशहाल नहीं होगा तो हमारा देश कभी आगे नहीं बढ़ सकता ।

केंद्र सरकार हर वर्ष लगभग पॉच लाख करोड़ रुपया पूंजीपतियों को अलग-अलग रूप में बजट में देती है, जबकि पूरे देश के किसानों का कर्जा लगभग तीन लाख करोड़ रुपया है क्या हमारी देश की सरकार एक बार किसानों को यह कर्जा माफ नहीं कर सकती, यह हो सकता है और सरकार को तुरंत करना चाहिए।

हमारे देश की सरकारे किसान हितैषी बनती है, मगर सच यह है कि ये केवल दिखावा है, ये सरकारे खुले रूप से किसान विरोधी है, और पूँजीपतियो के हितो के लिए ही प्रमुख रूप से काम करती है, इसलिए इन सरकारो ने आज तक किसानों के लिए कोई भी कार्य ऐसा नहीं किया कि किसान आत्महत्या करने से रुक सके ।
आज टेक्स के रूप में सबसे ज्यादा टैक्स किसान ही देते हैं, पूरे देश अर्थव्यवस्था को कृषि, किसान से ही देश चल रहा है, इसलिए तुरंत किसानों की समस्त कर्जमॉफी की जानी चाहिए ।

1 comment

    • Badri prasad choubey on November 20, 2017 at 8:16 pm

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    Kishan no ka karj maf honahi
    chahiye

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