Our Political View | हमारी राजनैतिक समझ

हमारे देश के प्रत्येक नागरिक को राजनैतिक समझ को जानना, समझना और राजनैतिक समझ रखना, उस पर चर्चा करना और उसके अच्छे बुरे तर्कों को समझना, हम सभी क लिए अवश्यक है | इसके बाद उसको स्वयं अपनी समझ बनाना कि वह किस राजनैतिक विचार के साथ जाएगा, अपने जीवन में किस राजनैतिक धरा को स्वीकार करेगा, क्योकि पूरे देश में जो भी घटनाएँ घटती है, उसके पीछे एक सोची समझी राजनैतिक चेतना होती है, जो हमारे जीवन की पूरी दशा तय करती है | राजनैतिक सत्ता ही देश बनाती है, और यह निर्भर करता है आम जनता कि समझ पर

Purpose | वेबसाइट बनाने का उद्देश

यह वेबसाइट बनाने का उद्देश आप सभी को वामपंथी विचारधारा से परिचित करना है | हम आपको बताना चाहते है की, वामपंथी विचारधारा क्या है ? वामपंथी क्या चाहते हैं ? वामपंथी विचारधारा की विभिन्न क्षेत्रो में क्या समझ है ? राजनैतिक समझ क्या है ? राजनीती में किन नीतियों पर चलना चाहते हैं ? कैसे भारत का निर्माण करना चाहते हैं ? इनकी भ्रष्टाचार के बारे में क्या समझ है ? जातिवाद, धर्म, रीती-रिवाज, सामाजिक बुराइयाँ, कूटनीतियाँ, अंध-विश्वास जैसे सवालों पर हम क्या सोचते हैं | इस विचार धारा का बुनियादी नियम क्या है, इस प्रकार न जाने कितने अन समझे और सन सुलझे सवाल वामपंथ के बारे में नौजवान के मन में हैं |

वामपंथी विचारधारा क्या है ?

नौजवानो को इस विचारधारा को समझना अत्यंत आवश्यक है, किसी भी देश में नौजवान देश के विकास की धुरी होते है, उनकी समझ, लगन, विचार ही राष्ट्र बनाते हैं, देख में अभी खूब लेफ्ट राइट चल रहा है, चाहे केरला, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, बिहार, पूरे देश में, एक तरफ वामपंथी विचारधारा प्रखर हो रही है, वहीं दूसरी पूंजीवादी व्यवस्था को कुचलने की कोशिश में लगी है, आज देश की नई पीढ़ी बहुत ही कम शब्दो में इसको समझना चाहती है, अब हम इसके मुख्य विषय पर बात करते है ।नौजवानो को इस विचारधारा को समझना अत्यंत आवश्यक है, किसी भी देश में नौजवान देश के विकास की धुरी होते है, उनकी समझ, लगन, विचार ही राष्ट्र बनाते हैं, देख में अभी खूब लेफ्ट राइट चल रहा है, चाहे केरला, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, बिहार, पूरे देश में, एक तरफ वामपंथी विचारधारा प्रखर हो रही है, वहीं दूसरी पूंजीवादी व्यवस्था को कुचलने की कोशिश में लगी है, आज देश की नई पीढ़ी बहुत ही कम शब्दो में इसको समझना चाहती है, अब हम इसके मुख्य विषय पर बात करते है । वामपंथी विचारधारा क्या है । 

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मोदी सरकार के चार साल, एक तरफ जश्न और दूसरे तरफ मातम

*मोदी सरकार ने चार साल पूरे कर लिये है, जिसमे उन्हौने जिनके लिए काम किया वो जश्न मना रहे है जिनको लूटा, बर्बाद किया, वो मातम मना रहे है, यही राजनीति का वर्गीय चरित्र है, ये दो वर्गीय दुनियां है, हमारे देश में नरेन्द्र मोदी जी की सरकार शुद्ध पूँजीवादी राजनैतिक व्यवस्था की पार्टी है, […]

राजनीति भाग – 05.4, पूँजीवादी व्यवस्था के नकारात्मक और सकारात्मक परिणाम ( ये चौथा और आखिरी हिस्सा हैं)

  पूँजीवादी राजनैतिक व्यवस्था के बहुत घातक परिणाम आते हैं, जो इस पूँजीवादी व्यवस्था में निश्चित होते हैं, इसलिए पूँजीवादी व्यवस्था, इनसे भटकाने के लिए धर्म का इस्तेमाल करते है, आम जनता को दिमागी रूप से ये एहसास कराते है कि इस सब के लिए में खुद जिम्मेदार हूँ, क्योंकि मेरा नसीब किस्मत खराब है […]

राजनीति भाग – 05.3 पूँजीवादी व्यवस्था के नकारात्मक और सकारात्मक परिणाम ( ये तीसरा हिस्सा हैं)

  पूँजीवादी राजनैतिक व्यवस्था के बहुत घातक परिणाम आते हैं, जो इस पूँजीवादी व्यवस्था में निश्चित होते हैं, इसलिए पूँजीवादी व्यवस्था, इनसे भटकाने के लिए धर्म का इस्तेमाल करते है, आम जनता को दिमागी रूप से ये एहसास कराते है कि इस सब के लिए में खुद जिम्मेदार हूँ, क्योंकि मेरा नसीब किस्मत खराब है […]

राजनीति भाग – 05.2 पूँजीवादी व्यवस्था के नकारात्मक और सकारात्मक परिणाम (दूसरा हिस्सा)

  पूँजीवादी राजनैतिक व्यवस्था के बहुत घातक परिणाम आते हैं, जो इस पूँजीवादी व्यवस्था में निश्चित होते हैं, इसलिए पूँजीवादी व्यवस्था, इनसे भटकाने के लिए धर्म का इस्तेमाल करते है, आम जनता को दिमागी रूप से ये एहसास कराते है कि इस सब के लिए में खुद जिम्मेदार हूँ, क्योंकि मेरा नसीब किस्मत खराब है […]

राजनीति भाग – 05.1 पूँजीवादी व्यवस्था के नकारात्मक और सकारात्मक परिणाम का पहला हिस्सा ।

  पूँजीवादी राजनैतिक व्यवस्था के बहुत घातक परिणाम आते हैं, जो इस पूँजीवादी व्यवस्था में निश्चित होते हैं, इसलिए पूँजीवादी व्यवस्था, इनसे भटकाने के लिए धर्म का इस्तेमाल करते है, आम जनता को दिमागी रूप से ये एहसास कराते है कि इस सब के लिए में खुद जिम्मेदार हूँ, क्योंकि मेरा नसीब किस्मत खराब है […]

राजनीति भाग – 04, पूँजीवाद की नई आर्थिक नीतियाँ, New Economic Policy Of Capitalism

  इन नई आर्थिक नीतियों का इजात अमेरिका ने किया, जिसको उन्हौने पूरी दुनिया पर लागू करने की योजना बनाई, जिसमे उनके तीन लक्ष्य थे, एक था उनके देश में जो बड़ी बड़ी कंपनियां है उनके पास बड़ी पूंजी एकत्रित हो गई थी, जिसके लिए बाजार चाहिए था, ताकि उसको लगाकर और मुनाफा कमाया जा […]

राजनीति भाग – 03, पूँजीवादी राजसत्ता और उसके अभिन्न अंग, फ्री इकोनमी क्या है ।

  पूँजीवादी राजसत्ता सत्ता कैसे बनती है हमें इस तथ्य को समझना है, पूँजीवादी व्यवस्था में कुछ पिलर होते हैं, जिनको क्रमवार लिख रहे है । पूंजीपति जिसके पास पूंजी है । शासक, जो पूँजीवादी राजसत्ता चलाते हैं । धर्म, जो पूँजीवादी व्यवस्था में जनता को दिमागी रूप से कन्ट्रोल करते हैं । सेना, जिससे […]

राजनीति भाग -02, पूँजीवादी राजनैतिक व्यवस्था का इतिहास History Of Capitalism

  पूँजीवादी राजनैतिक व्यवस्था बहुत ही पुरानी है, इसमे कबीले की व्यवस्था के बाद, गुलामो की व्यवस्था के साथ राजशाही और राजशाही के बाद पूँजीवादी राजनैतिक व्यवस्था आई थी जो आज भी चल रही है, पहले, सम्पति और संसाधनों का मालिक राजा होता था, जैसे ही इंगलैड में औद्योगिक विकास हुआ, जिसके बाद दुनियां भर […]